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International Men's Day

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  कहते हैं की हर सफल इंसान के पीछे एक औरत का हाथ होता है, लेकिन सच यह भी है की एक सफल औरत के पीछे भी एक मर्द का हाथ होता है, फिर चाहे वह पिता हो, भाई हो, पति हो, चाचा हो, मामा हो, गुरु हो या दोस्त हो | मैं खुशनसीब हूं की मुझे जीवन में पुरुषों का हमेशा सकारात्मक साथ मिला अपने पिता, गुरु, बड़े भाइयों के मार्गदर्शन मैं मैंने बहुत कुछ सीखा आप सभी का  बहुत-बहुत शुक्रिया जिन्होंने मुझ पर विश्वास किया और मुझे मेरे हिस्से की ज़मीन और उड़ने को आसमान दिया। एक या दो बुरे अनुभवों के कारण हम समाज के एक बड़े हिस्से को हमेशा गलत की श्रेणी में नहीं रख सकते पुरुष या स्त्री प्रकृति की देन है सृष्टि को संतुलन में रखने के लिए एक तराजू के दो पलड़े हैं, जब दोनों बराबर रहेंगे तभी सब कुछ संतुलित रहेगा। उन सभी पुरुषों का हृदय तल से धन्यवाद जिन्होंने यह साबित किया के समाज आज भी महिलाओं को सम्मान देता है, सुरक्षा देता है और उनकी भागीदारी का सम्मान करता है। मेरे विश्वास को बनाए रखने के लिए दिल से शुक्रिया 🌷

Happy Friendship's Day

                               हप्पी फ्रेंडशिप-डे  यूं तो आज के दिन पूरी दुनिया में फ्रेंडशिप डे की धूम है लेकिन मुझे लगता है कि दोस्ती में जब तक जिंदगी है तब तक हर दिन फ्रेंडशिप डे है और यही समझने में हम अक्सर आधी जिंदगी बिता देते हैं- जैसे मैं। मेरे कुछ दोस्त बचपन से आज तक साथ है कुछ खून के रिश्ते दोस्ती में बदल गए कुछ प्रोफेशनल रिश्ते अब दोस्त बन चुके हैं फिलहाल मैं यह कह सकती हूं कि  हां, मेरे साथ ऐसे दोस्त है जो मेरी बकवास घंटों तक सुनते हैं मेरी बिन सिर पैर की बातों पर मेरे साथ बेवजह हंसते हैं, चेहरा देख कर मेरे साथ हुए कांड का पता लगा लेते हैं,जब लगता है कुछ गलत होने जा रहा मुझसे तो पूरे अधिकार से डांट डपट भी देते हैं मेरी जली कटी सुनते भी हैं अपनी सुनाते भी हैं फिलहाल दोस्तों के साथ जिंदगी गुलजा़र है। गार्गी बिटिया ने घर के बाहर के रिश्तो को अब बनाना शुरू किया है या यूं कहिए की बालपन में रिश्ते अपने आप ही बन जाते हैं। बच्चे मासूम होते हैं उन्हें कुछ भी करना नहीं होता है उनके साथ चीजें अपने ...

Open Letter to Gargi

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 मेरी प्यारी गार्गी, बहुत दिनों बाद आज तुमको फिर यह खुला पत्र (ओपन लेटर) लिख रही हूं, आज का दिन तुम्हारी जिंदगी का महत्वपूर्ण दिन है। समय वाकई बहुत जल्दी बीत रहा है! और उसी समय की धारा के साथ बहते-बहते तुम इतनी बड़ी हो गई कि आज तुम्हारी फॉर्मल स्कूलिंग शुरू हो गई। सबसे पहले, तुम्हें तुम्हारा पहला स्कूल बहुत-बहुत मुबारक हो और मुझे मेरा नया नाम- Gargi's mother ❤️ जब तुम पैदा हुई थी तब भी मैंने एक पत्र तुम्हें लिखा था जिसमें मैंने कहा था कि तुम अपने लिए जीना,अपनी शर्तों पर जीना,अपने लिए कुछ बनना,अपने लिए हासिल करना। मेरा या किसी का नाम रोशन करने के लिए नहीं बल्कि जो करना अपनी संतुष्टि और खुशी के लिए करना। क्योंकि अगर तुमने हमारे लिए या हमारे कहने से कुछ कर भी दिया और तुम जीवन भर असंतुष्ट रहीं तो वो असंतुष्टि तुमको चैन से जीने नहीं देगी। जिंदगी का कोई भी रास्ता सही है या गलत इसका परिचय मैं तुम्हें समय-समय पर कराती रहूंगी पर हर समय नहीं क्योंकि किस रास्ते को चुनना है और चुने हुए रास्ते पर किस तरह आगे बढ़ना है इसकी समझ तुम्हें अपने आप बनानी होगी। जन्म संस्कार और मृत्यु संस्कार से भी ज्या...

पुनरावृति

 तेज बारिश, काले बादल और गरजते बादलों के बीच अपने वजूद को बचाता हुआ एक छोटा सा पेड़ जिसका तना एकदम पतला है और उसी तने से लगी चंद पत्तियों को  उसने बखूबी संभाला हुआ है ! और यह छोटा सा पेड़ हमें कितना कुछ सिखा जाता है ! हमारे आगे पेड़ -पौधे जिनको हम निर्जीव मानते हैं या यह कह लीजिए कि मानव शक्ति के आगे एकदम तिनका मात्र हैं हमें वटवृक्ष जैसी मजबूत सीख दे देते हैं। इन्हें देख कर लगता है आत्मसम्मान को बचाए रखने की प्रबल इच्छा इनमें भी है जो इस बवंडर से तूफान में देखते ही बनती है, किस तरह से हवा का वेग इस पौधे को गिराने के लिए आतुर है और यह वेग से विपरीत सीधा रहने के लिए रहने पर आमादा है। हम रोज ही कभी किसी वजह से कभी बिना कारण तोड़े जाते हैं अपने मन पर अब तक हम ना जाने कितनी ठेस लिए बैठे हैं फिर भी अगर हम बिना बदले की भावना लिए खुद को ऐसी परिस्थितियों से उबारकर अपना सिर ऊंचा करके खुद की जमीन को ठोस बना रहे हैं तो हम अपने आप में सम्मानित हैं । लेट मानसून की पहली बारिश ने जीवन का एक पाठ फिर से याद दिलवा दिया।  देर आए दुरुस्त आए! 

एक इतवार तुम्हारा... एक इतवार मेरा

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        एक  इतवार  तुम्हारा... एक इतवार मेरा अब तो इतवार के इंतजार में पूरा इतवार बीत जाता है लेकिन मेरा इतवार नहीं आता, हर दिन सुबह से समय को कामों के पाटों के बीच पीसते पीसते और तुम्हारे मकान को घर बनाते बनाते  सोम-मंगल-बुध बीतते हैं इतवार के इंतजार में वो इतवार जो कभी हमारे लिए सुकून के दो पल नहीं लाता लाता है... सिर्फ तुम्हारी छुट्टी... तुम्हारी मौज मस्ती तुम्हारी सुबह की मस्त सैर और शाम दोस्तों संग तफ़रीह मुझे तो संभालनी है तुम्हारी रसोई और बिस्तर जहाँ तुम्हें चाहिए सब गरमा-गरम तुम्हारी फरमाइशों का लेखा-जोखा और सब कुछ  हो वैसा चाहो तुम जैसा वो बच्चे जिनके नाम के पीछे तुम्हारा नाम लगते ही सबके चेहरे चमक उठते हैं वो भी तुमसे कहाँ कुछ कहते हैं ? मां ये चाहिए... ऐसा काम कर दो... से लेकर मां तुमने तो ये अभी तक किया ही नहीं... तक मां तुम ही पापा से कह देना, उनके पास हमारे लिए समय नहीं! लेकिन मैं किससे कहूं ?- कि उनके पास तो मेरे लिए भी वक्त नहीं मैं.... मैं शायद वो हिस्सा हूँ जिंदगी का जिसके न होने से तो सब बिगड़ सकता है लेकिन होने से कोई खास फर्क ...
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                                        होली मुबारक !! गले मुझ को लगा लो ऐ मिरे दिलदार होली में| बुझे दिल की लगी भी तो ऐ मेरे यार होली में|| नहीं ये है गुलाल-ए-सुर्ख़ उड़ता हर जगह प्यारे| ये आशिक़ की है उमड़ी आह-ए-आतिश-बार होली में|| गुलाबी गाल पर कुछ रंग मुझ को भी जमाने दो| मनाने दो मुझे भी जान-ए-मन त्यौहार होली में|| 'रसा' गर जाम-ए-मय ग़ैरों को देते हो तो मुझ को भी| नशीली आँख दिखला कर करो सरशार होली में||
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     70वां गणतंत्र मुबारक ! लोकतंत्र का पर्व मुबारक ! आप सभी को गणतंत्र देश होने के 70 वर्ष की शुभकामनाएं ! अक्सर ही 26 जनवरी या 15 अगस्त आते ही देश के प्रति हमारी लघु देशभक्ति तो जाग ही जाती है और साथ में ढेरों सवाल-जवाब और आकलन भी शुरू हो जाते हैं | कभी-कभी ऐसी कई चर्चाओं का मैं भी हिस्सा बन जाती हूं, लेकिन सच बताऊं आज भी ढेरों ऐसी वजह है जो मेरा सिर फक्र से ऊंचा करती हैं कि मैं भारत में पैदा हुई और मैं इस बात से भी इनकार नहीं करती कि बहुत सी ऐसी भी वजह है जिसके कारण कुछ उंगलियां हमारी तरफ उठ जाती हैं | आज 70 वां गणतंत्र दिवस हम मना रहे हैं लेकिन आज भी मुझे मेरा देश 70 साल का युवा ही लगता है, बिल्कुल जवान और उसका एक कारण भी है, वह यह कि जिसकी 29 औलादें हो वो कैसे बूढ़ा हो सकता है ? उसको तो अभी बहुत कुछ संभालना है कश्मीर जैसे बेटे से लेकर कन्याकुमारी सी बेटी, ऐसी 29 बेटे-बेटियों का पिता भारत कभी बूढ़ा नहीं होता, और इतने बड़े परिवार में अगर कुछ थोड़ी बहुत अनबन होती है तो यह तो स्वाभाविक सी बात है ! लेकिन बाकी सब यह जान लें कि जब हमारे ऊपर कोई विपत्ति आती है तो ...